दुनिया भली धिकारे दाता न तूं धिकारजां
सबखा इहो बुधो तम , रहमत जो तू धणी आ रहमत अगर पूजई न , मुखे नफरत स ना निहारजा
दुनिया भली धिकारे दाता न तू धिकार जा |२|
दुनिया भली धिकारे दाता न तू धिकारजा |२|
मुकंदर मुझे जा मालिक , बिगड़ी मुझी बणाए जा |२|
दुनिया भली धिकारे दाता न तू धिकार जा |२|
सबखा इहो बुधो तम , रहमत जो तू धणी आ
रहमत अगर पूजई न , मुखे नफरत स ना निहारजा |२|
दुनिया भली धिकारे दाता न तू धिकारजा |२|
मुकंदर मुझे जा मालिक , बिगड़ी मुझी बणाए जा
संसार भले सजा डे ,केहंजो भी दुख न थिंदो
पर तू न मुहजा मालिक , दुखणा डेई दुखाय जा |२|
दुनिया भली धिकारे दाता न तू धिकारजा |२|
मुकंदर मुझे जा मालिक , बिगड़ी मुझी बणाए जा
भिटकण रूलण नसीबन , मुहजे मिझे लिख्यो अथई |२|
तोखे अगर वणे थो ,साजन भलेई सताए जा
दुनिया भली धिकारे दाता न तू धिकारजा
मुकंदर मुझे जा मालिक , बिगड़ी मुझी बणाए जा
परमानन्द जी अर्जी , अगते आ तुझी मर्जी
जे भी हुजे मु शक्ति , मुख्य ओड़ो ना आजमाए जा

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